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राहुल के 31 मिनट के भाषण में हिंदू और हिंदुत्ववादी:राहुल गांधी 35 बार हिंदू और 26 बार हिंदुत्ववादी बोले

 


कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को जयपुर में कांग्रेस की राष्ट्रीय रैली में मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूरा देश चार-पांच उद्योगपतियों के हाथ में है। हर संस्थान एक संगठन के हाथ में है। मंत्रियों के ऑफिस में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ओएसडी हैं। देश को जनता नहीं चला रही है, तीन-चार पूंजीपति चला रहे हैं और हमारे प्रधानमंत्री उनके काम कर रहे हैं। रैली में सोनिया गांधी भी शामिल हुईं, लेकिन उन्होंने भाषण नहीं दिया।


राहुल ने कहा कि दो शब्दों का एक मतलब नहीं हाे सकता। हर शब्द का अलग मतलब होता है। देश की राजनीति में आज दो शब्दों के मतलब अलग हैं। एक शब्द हिंदू दूसरा शब्द हिंदुत्ववादी। ये एक चीज नहीं है, ये दो अलग शब्द हैं और इनका मतलब बिल्कुल अलग है। मैं हिदू हूं, लेकिन हिंदुत्ववादी नहीं हूं। महात्मा गांधी हिंदू थे और नाथूराम गोडसे हिंदुत्ववादी थे।


उन्होंने कहा कि हिंदू और हिंदुत्ववादी में फर्क होता है। हिंदू सत्य को ढूंढता है। मर जाए, कट जाए, फिर भी हिंदू सच को ढूंढता है। उसका रास्ता सत्य रहा। पूरी जिंदगी वो सच को ढूंढने में निकाल देता है। जबकि हिंदुत्ववादी पूरी जिंदगी सत्ता को ढूंढने और सत्ता पाने में निकाल देता है। वह सत्ता के लिए किसी को भी मार देगा। हिंदू का रास्ता सत्याग्रह होता है और हिंदुत्ववादी का रास्ता सत्ताग्रह होता है।


राहुल ने कहा- देश की सरकार कहती है कि कोई किसान शहीद ही नहीं हुए। मैंने पंजाब के लिए, हरियाणा से नाम लिए, पांच सौ लोगों की लिस्ट संसद में दी। उनसे कहा कि पंजाब की सरकार ने कंपनसेशन दिया है, आप भी दीजिए। उन्होंने नहीं दिया।


राहुल ने कहा कि आप सब हिंदू हो, हिंदुत्ववादी नहीं। ये देश हिंदुओं का देश है, हिंदुत्ववादियों का नहीं। आज देश में दर्द है, महंगाई है तो ये काम आज हिंदुत्ववादियों ने किया है। उन्हें किसी भी हालत में सत्ता चाहिए। राहुल ने कहा कि 700 किसान शहीद हुए, यहां हमने दो मिनट मौन रखा, संसद में मौन रखने नहीं दिया। हम खड़े हुए मौन नहीं किया। चन्नी जी से पूछिए, चार सौ किसानों को पंजाब की सरकार ने 5 लाख रुपए दिए। उनमें से 152 को रोजगार दिला दिया है, बाकी को देने जा रहे हैं। नरेंद्र मोदी ने पीछे से छुरा घोंपा है। वे हिंदुत्ववादी हैं इसलिए पीछे से छुरा मारा। हिंदू आगे से मारता है, पीछे से नहीं मारता। हिंदुत्ववादी डराता है, धमकाता है, लेकिन मैं डरता नहीं हूं। मुझे सत्ता मिले न मिले, मैं सच्चाई का साथ देता रहूंगा।


उन्होंने उद्योगपतियों को रियायत देने को लेकर भी मोदी पर तंज कसा। राहुल ने कहा- मोदीजी 24 घंटे यानी सुबह उठते ही कहते हैं, आज अडाणी को क्या देना है। ऐसे देश नहीं चलाया जाता है। देश गरीबों, किसानों, छोटे दुकानदारों का है, ये ही लोग इस देश को रोजगार दे सकते हैं। अडाणी अंबानी की जगह है, लेकिन वो रोजगार पैदा नहीं कर सकते। रोजगार छोटे बिजनेस वाले, किसान पैदा कर सकते हैं।


राहुल भूल गए कि चन्नी नहीं आए भाषण के दौरान राहुल गांधी भूल गए कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी रैली में नहीं आए हैं। वे बार-बार चन्नी की मौजूदगी बताते रहे। उन्हाेंने दो बार चन्नी का नाम पुकारा, फिर सोनिया गांधी और अशोक गहलोत ने इशारा करके उन्हें बताया कि चन्नी रैली में नहीं आए हैं।


दुनिया घूम ली, किसानों से नहीं मिल पाए : प्रियंका

रैली में प्रियंका गांधी ने भी केंद्र सरकार और भाजपा की रीति-नीति पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनता के लिए काम नहीं कर रही है। यह सिर्फ गिने-चुने उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। केंद्र की सरकार झूठ, लालच और लूट वाली सरकार है। गोवा में एक उद्योगपति के कोयले को इधर से उधर ले जाने के लिए लोगों की मर्जी के खिलाफ सड़क बना रहे हैं।


उन्होंने कहा कि मोदी पर्यटन में व्यस्त हैं। उन्होंने दुनिया घूम ली, लेकिन दिल्ली में किसानों से बातचीत करने नहीं जा पाए। भाजपा कहती है कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ। मैं चुनौती देती हूं कि एक कोई संस्थान ऐसा बता दें, जो शिक्षा के लिए भाजपा ने इन सात सालों में बनाया है।


प्रियंका ने लोगों के सामने अपनी एक शिकायत भी की। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आता है तो भाजपा के लोग जाति, धर्म, चीन-पाकिस्तान की बात करने लगते हैं। जब चुनाव हों तो इस भाजपा की सरकार से जवाब मांगें। उनसे पूछें कि आपने लोगों के लिए क्या किया है? किसान को देने के लिए पैसा नहीं है तो हजारों करोड़ का विमान क्यों खरीदा गया? उन्होंने कहा कि यह लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वह भाजपा सरकार से जवाब मांगें।


पहले पीएम जो सीएम की चिट्‌ठी का जवाब नहीं देते: गहलोत

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि तमाम राज्य सरकारें वित्तीय संकट में हैं, केंद्र चुप है। विकास होगा राज्य सरकारें करेंगी। संकट आएगा, राज्य पार पा सकते हैं। कोरोना का संकट आया, राजस्थान सिरमौर रहा। नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो मुख्यमंत्री के पत्र का जवाब नहीं देते हैं। यह सरकार घमंड से चल रही है।


रैली में सोनिया गांधी और राहुल के पहुंचने के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत और अन्य सैन्य कर्मियों को श्रद्धांजलि भी दी गई।

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