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SIT के 15 सवालों में फंसा मंत्री का बेटा:12 घंटे की पूछताछ में आरोपी आशीष ने 13 वीडियो पेश किए, लखीमपुर हिंसा के वक्त दंगल में होने की बात नहीं कर सका साबित

 


लखीमपुर हिंसा कांड के मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष से SIT टीम ने करीब 12 घंटे पूछताछ की। आशीष ने घटनास्थल पर मौजूद न होने का दावा किया। SIT टीम के सामने दंगल कार्यक्रम के 13 वीडियो भी पेश किए। हालांकि, यह सिद्ध नहीं कर पाया कि घटना के वक्त वह दंगल में ही मौजूद था।

आशीष SIT टीम के कई सवालों में ऐसे उलझे कि वकील को आगे कर दिया। हालांकि, टीम ने वकील को बीच में बोलने से रोक दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जैसे-जैसे पूछताछ का वक्त बढ़ रहा था, उसकी सांसें अटक रही थीं। उसके चेहरे पर गिरफ्तारी का डर साफ नजर आ रहा था। शाम 5 बजे के करीब गिरफ्तारी की तैयारी होते देख चेहरे की रंगत उड़ गई।

बेगुनाही साबित करने के लिए पेश किए 13 वीडियो और 10 लोगों का हलफनामा
आशीष सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर SIT की टीम के सामने पेश हुए। उससे DIG उपेंद्र अग्रवाल और लखीमपुर के SDM ने पूछताछ की। आशीष मिश्र ने अपने पक्ष में करीब 13 वीडियो और 10 लोगों के हलफनामे भी पेश किए। जिसमें उसने खुद को घटना के वक्त दंगल में मौजूद होने का दावा किया। हालांकि, दंगल में अपनी मौजूदगी वीडियो में साबित नहीं कर सके।

एक वीडियो में दूसरे कपड़े में नजर आने पर यह नहीं बता पाए कि कपड़े कब और क्यों बदले। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दंगल से करीब दो घंटे आशीष गायब रहा, जिसका अभी तक वो हिसाब नहीं दे पाए हैं।

वीडियो की जांच करेगी फॉरेंसिक टीम
आशीष ने अपने पक्ष में पेश किए गए करीब 13 वीडियो की रिकाॅर्डिंग की टाइमिंग से लेकर उनकी वास्तविकता की जांच के लिए SIT टीम फॉरेंसिक जांच कराने की बात कह रही है। इसके लिए DGP मुख्यालय को लिखित मांग की जाएगी।

आशीष के दावे SIT के सवालों के आगे फेल
SIT टीम के सवाल के आगे आशीष के जवाब फेल हो गए। वह एक बार भी साबित नहीं कर सका है कि घटना के वक्त वह वहां मौजूद नहीं था। उसकी गाड़ी वहां कैसे पहुंची। उसके जैसा दिखने और कपड़े पहनने वाला व्यक्ति कौन था? जो गाड़ी में था। इन सवालों पर आशीष ने चुप्पी साध रखी है।

SIT के इन 15 सवालों के आशीष ने दिए ये जवाब

1- हिंसा के समय तुम कहां थे?
जवाब -
 दंगल में।

2- प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हिंसा के समय तुम घटनास्थल पर ही एक वाहन में थे। तुम्हारे काफिले में कितने वाहन थे?
जवाब- 
मैं दंगल में ही था। काफिले में कौन कार्यकर्ता थे मालूम नहीं।

3- तुम्हारे वाहन में और कौन-कौन लोग बैठे हुए थे?
जवाब- 
चालक हरिओम था। उसके साथ और कौन था मुझे नहीं मालूम, हम तो दंगल में थे।

4- जिस वाहन में तुम थे, वह किसका था?
जवाब- 
थार मेरी थी, लेकिन मैं उसमें नहीं था। एक ही बात कितनी बार पूछेंगे।

5- वाहन में तुम किधर बैठे थे? वाहन को कौन चला रहा था?
जवाब-
 मुझे नहीं मालूम, मैं नहीं था बस।

6- जब तुम्हारा वाहन घटनास्थल पर पहुंचा तो भीड़ कितनी थी?
जवाब-
 आप लाख बार पूछ लीजिए हम एक ही जवाब देंगे घटनास्थल पर हम मौजूद नहीं थे। वहां क्या हुआ कुछ नहीं पता। जो जानकारी हुई बाद में हुई।

7- भीड़ सड़क पर क्या कर रही थी? क्या भीड़ तुम्हारे वाहनों का रास्ता रोक रही थी?
जवाब- 
पता नहीं।

8- जब पहला आदमी वाहन से टकराया तो वाहन रोका क्यों नहीं?
जवाब-
 मैं होता तो गाड़ी रोकता। जब था ही नहीं तो कैसे रोकता। चालक ने ऐसा किन परिस्थितियों में किया पता नहीं।

9- तुम्हारे पास लाइसेंसी हथियार है या नहीं है? तुम्हारे साथ वाहन में किस-किस के पास लाइसेंसी हथियार थे?
जवाब- 
नहीं पता।

10- फायरिंग की आवाज वाहनों से कैसे आ रही थी?
जवाब- 
हमको नहीं पता, बार-बार एक ही सवाल क्यों पूछ रहे आप लोग।

11- सोशल मीडिया पर कई वीडियो हैं जो घटनास्थल पर तुम्हारी उपस्थिति साबित कर रहे हैं?
जवाब- 
गलत हैं, मैंने जो वीडियो दिए वो सही हैं। घटनास्थल पर मैं नहीं था।

12- अगर यदि घटनास्थल पर नहीं थे तो FIR होने के बाद तुम अंडरग्राउंड क्यों हुए? नोटिस जारी होने के बाद भी पेश क्यों नहीं हुए?
जवाब- 
मैं दिल्ली में था और मीडिया से भी लगातार बात कर रहा था। पहले नोटिस की जानकारी समय से नहीं हुई। थोड़ी तबीयत भी ठीक नहीं थी। जानकारी होते ही आज इसलिए समय से पहले पेश हुआ।

13- तुम किस आधार पर दावा करते हो कि हिंसा के दौरान तुम घटनास्थल पर नहीं थे?
जवाब- 
दंगल के कार्यक्रम और गांव के वीडियो फुटेज और गांव वालों के हलफनामा इसके सबूत हैं। आप लोग इसकी जांच करा सकते हैं।

14- तुम घटनास्थल पर न होने के दावे के समर्थन में जो वीडियो दिखा रहे हो, उनकी सत्यता का आधार क्या है?
जवाब-
 सभी सही हैं। आप फॉरेंसिक जांच करा सकते हैं या भौतिक सत्यापन। जिससे साफ हो जाएगा कि मैं गांव पर था।

15- तुम्हारे दावे और उपलब्ध कराए गए साक्ष्य पर पुलिस भरोसा क्यों करे, जब तुमने अब तक कोई सहयोग हीं नहीं किया?
जवाब- 
पुलिस ने जैसे ही बुलाया मैं हाजिर हो गया। साथ ही जब भी मेरे सहयोग की जरूरत पड़ेगी दूंगा। मैं कोई अपराधी नहीं हूं। एक राजनेता का बेटा और मेरा खुद का व्यवसाय है।

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